ऑटोमेटेड स्वयंचलित शिरोभ्यंग मशीन…
हाँ कहा जाए तो व्यापार 💰💵🪙 …
नहीं कहा जाए तो मज़ाक 😇😃😆 …
पढ़कर “बेचो” 💵
या हँसकर “सोचो”
जो मर्ज़ी आए ... करो
We , MhetreAyurveda, are sowing seeds of Ideas, after ploughing enthusiasts' brains ...
हम, म्हेत्रेआयुर्वेद MhetreAyurveda,
जिज्ञासू लोगों के बुद्धि को जोतकर
उसमें विचारों के बीज बो रहे हैं …
जैसे आयुर्वेद में अब **कांस्य थाली से पादाभ्यंग** और उसी तरह **कांस्य थाली से हस्त अभ्यंग** करने वाली **गोल-गोल घूमने वाली मशीनें** आ गई हैं,
उसी प्रकार **सिर की मालिश** के लिए भी एक मशीन बनाई जा सकती है।
ऐसी मशीन बनाई जानी चाहिए जो **सिर में फिट बैठे या सिर पर ठीक से बैठ सके**,
जिसका आकार **बड़ी कटोरी या कढ़ाही जैसा** हो।
उसके अंदर की तरफ **कुछ उभार बनाए जाएँ**, जैसे **पादाभ्यंग और हस्ताभ्यंग की मशीनों में होते हैं**।
वह कटोरी या कढ़ाही जैसी मशीन **इस प्रकार घूमती रहे कि वह सिर पर मालिश करती रहे**।
यदि ऐसा यंत्र बनाया जाए, तो आयुर्वेद को **“शिरोभ्यंग” नाम का एक और आसान व्यवसाय** मिल जाएगा,
जिसमें **शिरोधारा जैसा बहुत बड़ा सेट-अप करने की आवश्यकता नहीं होगी**,
और **थेरेपिस्ट की भी आवश्यकता नहीं होगी**।
बस **एक बटन दबाना होगा**,
और **सिर पर बैठने वाली वह कटोरी-कढ़ाही जैसी मशीन घूमने लगेगी**,
और अभ्यंग होने के कारण **पेशंट को भी अच्छा और आरामदायक महसूस होगा**।

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