सभी पेशंट के लिये चिकित्सा के आरंभ में सामान्य नियम
किसी भी लक्षण या व्याधी के लिए या रिपोर्ट के लिए ट्रीटमेंट देने से पहले या साथ मे ...
पेशंट को दो प्रश्न पूछना चाहिए ॲसिडिटी है क्या और कॉन्स्टिपेशन है क्या?
ॲसिडिटी या उससे संबंधित या सदृश समान लक्षण हो तो उसको पहले ठीक करे उसके लिए यथा संभव भूनिंबादि या वासागुडूच्यादि या यष्टी सारिवा इसका प्रयोग करे
कॉन्स्टिपेशन मलावरोध गॅसेस या उससे संबंधित उसके सदृश या समान लक्षण है तो कोई मृदु अनुलोमन जो आपके प्रॅक्टिस मे आपको अच्छा अनुभव हो वह अपान काल में देना चाहिए
आमाशय और पक्वाशय इनका स्वास्थ्य अगर हमने ठीक रखा तो, बाकी जो भी हम आहार या औषध देंगे उसका शीघ्र और अच्छा परिणाम प्राप्त होता है
तो किसी भी लक्षण को औषध देने से पहले इन दो आशयों का व्यापार ठीक से चल रहा है इसकी सुनिश्चित व्यवस्था या रिपेअर, जो आवश्यक है, वो करे... उसके लिए जो औषध और आहार विहार मे परिवर्तन करना है , वो अन्य लक्षण के लिए दिया जाने वाले औषध के साथ ही दे दे
आमाशय के लिए औषध या तो भोजन के बीच मे या भोजन के पश्चात दे दे
और पक्वाशय के लिये औषध भोजन के प्रारंभ मे देना

No comments:
Post a Comment